वाराणसी। पुरुष बंदियों द्वारा महिला बंदियों के लिए बनाई गई नई बैरक का उद्घाटन रविवार को न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने किया गया। इस दौरान चंदौली के जिला एवं सत्र न्यायधीश सुनील कुमार सिंह, सीजेएम दीपक कुमार मिश्रा, वाराणसी के जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ० अजय कृष्ण विश्वेश, एडीजे प्रथम संजीव कुमार सिन्हा सी जे एम, स्पेशल सीजेएम उज्जवल उपाध्याय, डीआईजी जेल राजेश कुमार श्रीवास्तव, सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक आर के मिश्रा, जिला जेल के अधीक्षक आचार्य डॉ० उमेश सिंह, जेलर वी के त्रिवेदी समेत अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर डीआईजी जेल राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अब महिला बंदियों के साथ उनके बच्चे एक आदर्श बैरक में रहेंगे। यह अपने तरह का प्रदेश में एक अनूठा कार्य हुआ है। जिसके लिए उन्होंने जेल आचार्य डॉ० अधीक्षक उमेश सिंह को बधाई दी। वहीं दूसरी ओर न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने अपने हाथों से माताओं के साथ रह रहे 11 बच्चो को दो -दो सेट वस्त्र, चाकलेट, टाफी एवं बिस्कुट का पैकेट दिया। न्यायमूर्ति ने बच्चों के क्रेच तथा स्टडी रूम तथा उनके लिए लगाए गए झूला देख प्रसन्नता जताई तथा कहा कि निश्चित रूप से इस व्यवस्था से बच्चों की मन: स्थिति बदलेगी और उन्हें घरेलू माहौल मिलेगा।


इसके साथ ही बच्चों के लिये दो झूले समाज सेवी निधि जालान ने दिये। न्याय मूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने महिला बैरक में एक नीम का पेड़ भी लगाया। जेल के इस कैंपस में माँ दुर्गा का एक मन्दिर एवं उनके आगे चबूतरा भी बनाया गया है। जहां मां दुर्गा के समक्ष माननीय न्याय मूर्ति ने पूजा-अर्चना भी किया।

इस नई बैरक में माननीय न्याय मूर्ति के उदघाटन के बाद महिला बंदियों को शिफ्ट कर दिया गया। वर्तमान समय में 101 महिला बंदियों के साथ उनके 11 बच्चे भी रह रहे हैं। नई बैरक में जाने की खुशी महिला बंदियों व उनके बच्चों के चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी। इस नई महिला बैरक में उनके लिए लाइब्रेरी भी खोली गई है, जिसमें धार्मिक पुस्तकों के साथ साथ अन्य प्रेरक एवं ऐतिहासिक पुस्तकें हैं। इसमें चिकित्साधिकारी के लिये एक कमरा तथा महिलाओं के प्रक्षिक्षण के लिये भी एक कमरा है।


इस अवसर पर सेंट्रल जेल के चिकित्सा अधिकारी डॉ० अभिषेक सिंह, जिला जेल के डॉ० देवाशीष रंजन पांडेय, फार्मासिस्ट आनंद मोहन मिश्रा, डिप्टी जेलर राजकुमार, रत्नप्रिया, सुमन यादव, मीना कुमारी, कमलेश के साथ ही अन्य जेल कर्मी तथा उस नवीन महिला बैरक के विविध प्रकार के निर्माण में सहयोगी 21 बन्दी भी माननीय न्यायमूर्ति के साथ रहे।

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बनारसी नारद

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